आगरा उत्तर प्रदेश धर्म

आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला में एआई तकनीक और प्राचीन स्वरूप का दिखेगा अनूठा संगम

  • ‘रामांजली’ पत्रिका का हुआ विमोचन, ‘श्रीराम वन गमन विशेषांक’ बना मुख्य आकर्षण
  • राम बारात की भव्य झांकियों के डिजाइन में होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का अभिनव प्रयोग
  • आधुनिकता के साथ दिखेगी पुरानी झलक, हंडों की रोशनी और बैलगाड़ी पर निकलेगी पारंपरिक झांकी
  • 25 सितंबर से मुकुट पूजन के साथ होगा शुभारंभ, 6 अक्टूबर को राम बारात और 20 को होगा रावण दहन

आगरा। ऐतिहासिक और गौरवशाली श्रीरामलीला इस वर्ष अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। 149 वर्षों की समृद्ध यात्रा के बाद, इस बार महोत्सव को भव्य, आकर्षक और अविस्मरणीय बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर में श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विधिवत विमोचन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिक तकनीक का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा, ताकि युवा पीढ़ी भी श्रीराम के महान आदर्शों और संस्कृति से आसानी से जुड़ सके।

150वें वर्ष के उपलक्ष्य में श्रीराम बारात में कई अभिनव प्रयोग किए जा रहे हैं। झांकियों को डिजाइन करने में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बारात में 100 से अधिक झांकियां शामिल होंगी, जो धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ नेत्रदान और रक्तदान जैसे सामाजिक संदेश भी देंगी। इसके साथ ही, प्राचीन परंपराओं को जीवंत करने के लिए पुराने समय में उपयोग होने वाले हंडों की रोशनी और पारंपरिक बैलगाड़ी पर भी एक मनोहारी झांकी निकालने की योजना है, जिससे शहरवासियों को प्राचीन काल की राम बारात का अद्भुत अनुभव मिल सके। मंचीय आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने की जिम्मेदारी भगवान दास बंसल और विष्णु दयाल बंसल निभाएंगे, जिसमें वृंदावन की मंडली पारंपरिक लीला प्रस्तुत करेगी।

कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष ‘रामांजली’ पत्रिका में ‘श्रीराम वन गमन विशेषांक’ प्रकाशित किया गया है, जिसका संपादन आदर्श नंदन गुप्ता ने किया है। इसमें भगवान राम के वनवास से जुड़े तीर्थ स्थलों और उनके धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई है, जो शोध और ज्ञान का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

महोत्सव का विस्तृत कार्यक्रम

श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं मुकुट पूजन के साथ होगा। 26 सितंबर को मुकुट की सवारी और 28-29 सितंबर को श्री गणेश जी का नगर भ्रमण और रावण की दुहाई की सवारियां शहर में निकाली जाएंगी। 30 सितंबर से मंचीय रामलीला का विधिवत मंचन शुरू होगा। शहर भर के आकर्षण का केंद्र रहने वाली ऐतिहासिक श्रीराम बारात 6 अक्टूबर को निकाली जाएगी। वहीं 20 अक्टूबर को दशहरा पर रावण वध की लीला और विशाल पुतला दहन के साथ मनमोहक आतिशबाजी का आयोजन होगा।

विमोचन समारोह के दौरान उपाध्यक्ष विजय कुमार गोयल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, संजय तिवारी, अजय गर्ग, राहुल गौतम, विनोद जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, शैलेंद्र अग्रवाल, राकेश जैन, आयुष अग्रवाल, सौरभ गौतम सहित कई अन्य पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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