आगरा उत्तर प्रदेश

ताजमहल में डॉक्टर की सूझबूझ से बची बच्ची की जान

  • रोते- रोते बेहोश होने पर बच्ची की थमी धड़कनें
  • हालत में सुधार होने पर अस्पताल में कराया भर्ती

आगरा। कर्नाटक के बेलगाम से सोमवार को दंपती अपनी दो वर्ष की बेटी आयजा के साथ ताजमहल देखने आए थे। ताजमहल घूमने के दौरान बच्ची अपने माता- पिता से अलग हो गई थी। ऐसे में बच्ची रोने लगी। रोते- रोते उसकी तबीयत बिगड़ गई और वो बेहोश हो गई। उसके शरीर में हलचल होना भी बंद हो गया। सीआईएसएफ जवानों ने उसे ताज पूर्वी गेट स्थित डिस्पेंसरी भेजा।

डॉ. रिंकू बघेल ने कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया, जिससे उसकी हालत में सुधार आ गया। इसके बाद बच्ची को एंबुलेंस से शांति मांगलिक अस्पताल भेजा गया। बच्ची की हालत में सुधार है। 


चिकित्सकों का मानना है कि संभवत: हाइपोक्सिया के कारण बच्ची बेसुध हो गई थी। अक्सर ज्यादा रोने पर मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तब ऐसी हालत हो जाती है। डॉक्टर की तत्परता और समझदारी से बच्ची की जान बच गई।

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