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यूपी में एक नए गठबंधन को हवा दे रहे ओमप्रकाश राजभर, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से की मुलाकात

लखनऊ: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर यूपी में एक नए गठबंधन को हवा दे रहे है। उन्होंने गुरुवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने छोटे दलों से गठबंधन के मुद्दे पर प्रारंभिक चर्चा की है।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि हम लोगों ने भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाया है। जिसमें हम लोग लीडरों की टीम बना रहे है। अब तब चाहे एनडीए बना, यूपीए बना जो भी मोर्चा बना, वो मोर्चा पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज से लोटर पैदा किया, उन्होंने लीडर नही बनाया। अब भागीदारी संकल्प मोर्चा लीडरशीप की बात करती है। हम बाबूसिंह कुशवाह उनकी पार्टी है वो लीडर है। सीमा सिंह कुशवाह उनकी पार्टी है वो लीडर है। ऐसे कई पार्टी है और उनके लीडर है। इसी कड़ी में असदुउद्दीन औवेसी अपनी पार्टी के लीडर है और वो इस मोर्चे में शामिल है।

उन्होंने कहा कि जो आजादी के बाद नौररियों में 38 प्रतिशत मुसलमान था, आज इतना विकास समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने किया कि वो आज एक प्रतिशत भी नही रह गया है। इन पार्टियों ने आज लोगों में इतनी नफरत पैदा कर दी कि आज हिंदू- मुसलमान, अगड़ा-पिछड़ा एक-दूसरे को देखकर ऩफरत पैदा कर रहे है। हम लीडरशीप पैदा कर रहे है, ताकि हम समाज को शिक्षा दे सकें। जोकि स्नाकोत्तर तक मुफ्त होगी। हम प्राइवेट स्कूलों की भांति ही बेहतर शिक्षा सरकारी स्कूलों में देंगे। हम तकनीकि शिक्षा पर जोर देंगे। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करके गरीबों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जायेगा। हमारा नारा भी है- जितनी जिसकी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी। वहीं उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव जी भी बात हो गई है, उन्होंने भी ग्रीन सिग्नल दे दिया है। अब हम 2022 में मिलकर चुनाव लड़ेंगे और सरकार बनाऐंगे।

बता दें कि ओमप्रकाश राजभर की बुधवार को एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुउद्दीन ओवैसी के साथ बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने 2022 का विधानसभा चुनाव अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर लड़ने का निर्णय लिया है। इस मुलाकात के अगले ही दिन राजभर की शिवपाल सिंह से मुलाकात को छोटे दलों का एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है। 

शिवपाल सिंह भी भाजपा विरोधी दलों की एकजुटता का आह्वान कर चुके हैं। वह ओवैसी को सेकुलर नेता बता चुके हैं। ऐसी संभावना है कि आने वाले दिनों में राजभर, शिवपाल, औवैसी और अन्य छोटे दल एक साथ आ सकते हैं। जो 2022 के चुनावों में भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते है।

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