- सरकार के प्रयासों से बदली विद्यालय की तस्वीर, छात्र सीख रहे रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग
- कभी उपेक्षित रहा विद्यालय, अब दे रहा अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
- उन्नत प्रयोगशालाएं और डिजिटल लर्निंग से छात्रों को मिल रहा प्रैक्टिकल ज्ञान
आगरा (रोमा)। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के प्रयासों का असर अब ज़मीन पर साफ दिखने लगा है। पंचकुइयां स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी), जो कभी सीमित संसाधनों और अन्य कारणों के चलते उपेक्षित था, अब तकनीक और नवाचार का एक जीता- जागता केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के तहत चयनित इस स्कूल ने अपनी बदहाली को पीछे छोड़ते हुए एक प्रेरणादायक बदलाव की कहानी लिखी है।
अटल टिंकरिंग लैब में तकनीकी उड़ान
राजकीय इंटर कॉलेज में संचालित दो अटल टिंकरिंग लैब ने छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा है। यहाँ कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को छोटे- छोटे ग्रुप में बांटकर रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटर, सेंसर-बेस्ड डिवाइस और माइक्रो कंट्रोलर पर आधारित डिजाइन तैयार करने का अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छात्रों को इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी), प्रतिरोधों की माप और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की वास्तविक प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें व्यावहारिक और आधुनिक तकनीकी ज्ञान मिल रहा है।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि पीएम श्री योजना ने राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) को एक नया जीवन दिया है। अब सिर्फ़ भवन और फर्नीचर ही नहीं, बल्कि हमारी सोच और शिक्षा की दिशा भी पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने आगे बताया कि योगी सरकार के प्रयासों से मिले विशेष बजट के कारण विद्यालय में खेल सामग्री खरीदी गई है, मैदान का विकास हुआ है, और इंटर-हाउस प्रतियोगिताएं अब नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। यह सब छात्रों के व्यक्तित्व विकास और खेलकूद में उनकी भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है।
डिजिटल लर्निंग और उन्नत प्रयोगशालाएं
विद्यालय की आईसीटी लैब के माध्यम से छात्रों को डिजिटल लर्निंग, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की बुनियादी जानकारी और तकनीकी कौशल में निपुण बनाया जा रहा है। डिजिटल पैनल्स और अपग्रेडेड कंप्यूटर सिस्टम से छात्रों की दक्षता में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। इसके अतिरिक्त, जीव विज्ञान और भौतिकी की प्रयोगशालाएं भी उन्नत उपकरणों से सुसज्जित की गई हैं, जिससे छात्रों को थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ज्ञान भी भरपूर मिल रहा है। बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए, अतिरिक्त कक्षों और सुविधाओं की मांग की गई है, ताकि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सर्वोत्तम माहौल मिल सके। यह परिवर्तन दिखाता है कि योगी सरकार किस तरह सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।





