आगरा (रोमा)। भारत में कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच (स्क्रीनिंग) कराएं, तो इस जानलेवा बीमारी को काफी हद तक हराया जा सकता है।
2040 तक कैंसर के मामलों में 57% की वृद्धि का अनुमान
ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (ग्लोबोकैन) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि वर्ष 2040 तक देश में कैंसर के मरीजों की संख्या 2.08 मिलियन तक पहुंच जाएगी, जो 2020 की तुलना में लगभग 57.5 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़े बताते हैं कि हमें कैंसर के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज: डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास
मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास ने आगरा में जागरूकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब बीमारी एडवांस स्टेज में होती है। उन्होंने बताया कि:
* बिना वजह वजन कम होना।
* शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ।
* लगातार थकान और शरीर में दर्द रहना।
इन लक्षणों को साधारण बीमारी समझकर नजरअंदाज करना इलाज को जटिल बना देता है।
आधुनिक तकनीक से आसान हुआ इलाज
आज चिकित्सा विज्ञान ने काफी उन्नति कर ली है। डॉ. डबास के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों से अब कैंसर को लंबे समय तक नियंत्रित करना संभव है। ये तकनीकें न केवल मरीज की उम्र बढ़ाती हैं, बल्कि इलाज के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करती हैं।
मणिपाल हॉस्पिटल्स की पहल
एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल्स देशभर में कैंसर उपचार सुविधाओं को मज़बूत कर रहा है। यहाँ कैंसर स्क्रीनिंग से लेकर रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, ताकि मरीजों को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।





