आगरा

आगरा जिला जेल के बैरकों में लगा पैनिक बटन, अब दस मिनट में होगी बंदियों की मदद

आगरा: जिला जेल की बैरक में बंदियों के बीच झगड़ा, बीमार होने और किसी भी आपात स्थिति में मदद मुहैया कराने के लिए वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम स्थापित कर दिया गया हैं। अब 10-15 मिनट में जेल कर्मी और अधिकारी उन तक पहुंच जाएंगे। डीआईजी कारागार लव कुमार ने इस सिस्टम का उद्घाटन किया। 

आगरा जिला कारागार में किसी तरह की आपात स्थिति में बंदियों को शोर मचाना पड़ता था। ऐसे में एक से सवा घंटा बंदियों तक मदद मिलने में लग जाता था। अब बंदियों को तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए बैरकों में पैनिक बटन लगाए गए हैं। बंदी के बीमार होने, झगड़ा होने पर इसे बंदी दबा देंगे। इससे गेट पर बने कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। जिस बैरक से बटन दबाया जाएगा, उस बैरक के नंबर वाली लाइट जलेगी। अलार्म बजने पर संबंधित कर्मचारी अधिकारियों को अवगत कराएंगे। दस से 15 मिनट में बंदियों को मदद मुहैया करा दी जाएगी। आगरा जिला कारागार में 32 बैरक हैं, जो कि दूर-दूर है।

जिला कारागार में वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम बंगलूरू की कंपनी फार्बिक्स सेमिकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। अलार्म सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कार्य करता है। यह न ही हैक किया जा सकता है और ना ही जैम होगा। यह मोबाइल जैमर एक्टिव होने पर भी काम करेगा। इसे बैरकों के ऊपर 20 ट्रांसमीटर फिक्स करके 32 वायरलेस बटन बैरकों के अंदर लगाए गए हैं। वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम को लगाने के लिए नौ लाख रुपये का खर्च आया है। इस मौके पर जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा, जेलर संजीव सिंह, राजेश सिह के अलावा समाजसेवी अंकित बंसल आदि मौजूद रहे।

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