- – पंचायती राज बजट में ऐतिहासिक वृद्धि से चमकेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
- – उत्सव भवनों में मिलेंगे मंडप और आधुनिक कमरे, ग्रामीणों के खर्च में आएगी कमी
आगरा, 13 फरवरी। योगी सरकार ने ग्रामीण विकास के संकल्प को साकार करते हुए नये उत्तर प्रदेश की बुनियाद को और मजबूत कर दिया है। वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में पंचायती राज विभाग के लिए खजाना खोलते हुए सरकार ने पिछले वर्ष के मुकाबले 67 प्रतिशत अधिक यानी कुल 32,090 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया है। इस भारी भरकम बजट का सीधा लाभ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने जा रहा है, जहां अब हर विधानसभा में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘उत्सव भवन’ तैयार किए जाएंगे।
सामाजिक आयोजनों का नया केंद्र बनेंगे उत्सव भवन
योगी सरकार की इस योजना के तहत आगरा की प्रत्येक विधानसभा में एक भव्य उत्सव भवन बनाया जाएगा। इन भवनों का निर्माण उन ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगा जिन्हें शादी- ब्याह या सामाजिक कार्यक्रमों के लिए महंगे निजी हॉल पर निर्भर रहना पड़ता था। इन उत्सव भवनों में एक विशाल हॉल, विवाह रस्मों के लिए सुंदर मंडप और मेहमानों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले कमरे बनाए जाएंगे। जिले का पहला उत्सव भवन फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र की कराही ग्राम पंचायत में पहले ही स्वीकृत हो चुका है, जिसके लिए शासन ने 1 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी मंजूर कर दी है।

पंचायत भवनों का होगा बहुउद्देशीय विस्तार
बजट में न केवल उत्सव भवनों के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं, बल्कि ग्राम पंचायतों में ‘बहुउद्देशीय पंचायत भवन’ बनाने पर भी जोर दिया गया है। ये भवन केवल सरकारी काम के लिए नहीं, बल्कि गांव के छोटे- मोटे कार्यक्रमों, ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में भी इस्तेमाल हो सकेंगे।
ग्रामीण जीवन स्तर में आएगा बड़ा बदलाव
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप पंचायती राज विभाग के बजट में हुई यह वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने वाली है। आगरा के लिए खुशी की बात है कि हर विधानसभा में अब एक सरकारी उत्सव भवन होगा। फतेहपुर सीकरी के कराही में काम शुरू हो चुका है। हमारा लक्ष्य है कि गांवों में भी शहरों जैसी सुविधाएं हों, ताकि सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को एक व्यवस्थित मंच मिल सके। यह बजट गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उत्सव भवनों के निर्माण से न केवल ग्रामीणों के खर्च में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भाईचारे को भी बढ़ावा मिलेगा।





