आगरा (रोमा)। नव वर्ष 2026 के पहले दिन ताजनगरी आगरा में भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर स्थित छलेसर के प्रसिद्ध वरद वल्लभा गणपति मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों ने कतारों में लगकर ‘बप्पा’ के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
🙏 “बप्पा मोरया” के जयघोष से गूंजा परिसर
नए साल के पहले सूर्योदय के साथ ही जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा वातावरण “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। भक्तों के भारी दबाव को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए ताकि हर कोई सुगमता से दर्शन कर सके।
✨ भव्य श्रृंगार और विशेष अभिषेक
मुख्य पुजारी के अनुसार, नववर्ष पर भगवान गणेश का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। गणपति प्रतिमा को दक्षिण भारतीय शैली में सुंदर वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया। ताजे फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा।
🏛️ स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना
पीले जैसलमेर पत्थरों से निर्मित यह मंदिर अपनी अनूठी दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। इसका अष्टकोणीय गर्भगृह और पद्मश्री पेरूमल सत्पति द्वारा निर्मित विशाल प्रतिमा भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है। हाईवे पर स्थित होने के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है।





