आगरा। ताजनगरी के प्रतिष्ठित होटल क्लार्क्स शीराज़ ने सामाजिक सरोकारों की अपनी परंपरा को निभाते हुए शनिवार को ‘विशेष सक्षम बच्चों’ के साथ क्रिसमस और आगामी नववर्ष की खुशियां साझा कीं। होटल के ‘देवम हॉल’ में आयोजित इस रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों की मुस्कान ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी होटल प्रबंधन ने इन ‘स्पेशल’ बच्चों के लिए मनोरंजन और उत्साह से भरपूर एक विशेष दिन समर्पित किया।
मिकी माउस और गेम्स ने जीता बच्चों का दिल
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई, जहाँ उन्हें जूस, मफिन्स और चिप्स परोसे गए। इसके बाद मनोरंजन का सिलसिला शुरू हुआ। मिकी माउस के साथ बच्चों ने खूब मस्ती की। देवम हॉल में बच्चों के लिए हूपला, गायन और नृत्य जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
सांता क्लॉज़ का सरप्राइज और उपहारों की बौछार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांता क्लॉज़ का आगमन रहा। सामूहिक नृत्य के बीच सांता क्लॉज़ को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे अचंभित और उत्साहित हो उठे। सांता ने घंटी बजाकर बच्चों के साथ डांस किया और उन्हें चॉकलेट व उपहार भेंट किए। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले बच्चों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
टीयर्स और चिराग स्कूल के 65 बच्चे हुए शामिल
इस आयोजन में ‘टीयर्स’ और ‘चिराग’ स्कूल के लगभग 65 विशेष सक्षम बच्चों ने भाग लिया। बच्चों के लिए न केवल मनोरंजन, बल्कि स्वादिष्ट भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम का सफल संचालन अनिल शर्मा ने किया, जिसमें होटल के विभिन्न विभागों के प्रबंधकों और कर्मचारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
“बच्चों की मुस्कान ही हमारा असली पुरस्कार”: अमूल्य कक्कड़
होटल के उपाध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि होटल क्लार्क्स शीराज़ हमेशा से इन बच्चों की खुशियों में सहभागी बनने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन बच्चों के पास असीमित प्रतिभा है और उनके चेहरे पर आने वाली एक छोटी सी मुस्कान हमारे लिए किसी भी व्यावसायिक सफलता से कहीं बढ़कर है। हम चाहते हैं कि त्योहारों की ये खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुँचें।
समावेशी समाज की ओर एक सराहनीय कदम
होटल क्लार्क्स शीराज़ का यह प्रयास न केवल बच्चों को खुशी प्रदान करता है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता का संदेश भी देता है। कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष ने दोनों विद्यालयों के शिक्षकों और बच्चों का आभार व्यक्त किया।



मिकी माउस और गेम्स ने जीता बच्चों का दिल
सांता क्लॉज़ का सरप्राइज और उपहारों की बौछार
टीयर्स और चिराग स्कूल के 65 बच्चे हुए शामिल
“बच्चों की मुस्कान ही हमारा असली पुरस्कार”: अमूल्य कक्कड़
समावेशी समाज की ओर एक सराहनीय कदम

