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आंधी- तूफान से ताजनगरी में मचाई भारी तबाही

आगरा (बृज भूषण): ताजनगरी में शुक्रवार को आए आंधी- तूफान ने भारी तबाही मचाई। करीब एक घंटे तक आंधी, तूफान, ओले और बारिश ने जमकर कहर बरपाया। 124 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने तमाम पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया। तूफान के कहर से बिजली के खंभे और साइनेज भी धराशाई हो गए। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप होने से अधिकांश क्षेत्र अंधेरे में डूब गए। वहीं मौसम के तूफानी तेवरों ने बच्ची सहित तीन लोगों की जान भी ले ली।

कोरोनावायरस के चलते पिछले 65 दिनों से आगरा में लॉकडाउन के कारण जनजीवन प्रभावित है। आंधी, तूफान के साथ शुरू हुई मौसम की बर्बादी की दास्तान लगातार करवट बदल- बदलकर शहरवासियों के साथ किसानों को भी खून के आंसू रुला रही है। शुक्रवार देर शाम भी एक बार फिर मौसम ने 124 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आए तूफान के कारण ताजनगरी आगरा में चारों तरफ तबाही मचा दी। एक घंटे में ही शहर में कई पेड़ और विद्युत खंभे टूटकर गिर गए। मकानों की दीवारें गिर गई और छतों की चादर उड़ गई। ओलावृष्टि के साथ-साथ बारिश ने भी जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पेड़ गिरने से तमाम दो पहिया, तीन पहिया वाहन और दर्जनों कारें क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं कई मकान भी धराशाई हो गए। जिसके कारण बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गई। 

फोटो- ताजमहल के मुख्य मकबरे की संगमरमर की टूटी रेलिंग

तूफान ने ताजमहल को भी क्षति पहुंचाई है। ताज के गुंबद पर मडपैक को मुख्य मकबरे पर यमुना किनारा की तरफ बांधी गई पाड़ तूफान से गिर गई। पाड़ के अचानक गिरने से मुख्य मकबरे की संगमरमर की रेलिंग और चमेली फर्श की रेड सैंड स्टोन की रेलिंग टूट गई है। पाड़ जिस हिस्से में गिरी उस हिस्से की व्हाइट प्लेटफार्म पर लगी संगमरमर की रेलिंग और उसके ठीक नीचे चमेली फर्श पर लगी रेड सैंड स्टोन की जालीदार रेलिंग टूट गई है। चमेली फर्श पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा पर्यटकों को यमुना किनारा की तरफ जाने से रोकने को सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई वुडन रेलिंग भी पाड़ गिरने से टूट गई है। तेज आंधी तूफान और बरसात में ताजमहल के सामने बगीचे की खूबसूरती को भी उखाड़ कर फेंक दिया है। बगीचे में लगे कई पेड़ आंधी और बरसात की तेजी को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उखड़ कर जमीन पर गिर पड़े। यही हाल छोटे-छोटे पौधों का भी हुआ है। बगीचा बहुत बुरी तरह से तहस-नहस हो गया है। ताजमहल में नुकसान की बात यहीं तक नहीं थमी पर्यटकों के लिए प्रवेश बरामदें में बनाई गई सीलिंग टूट कर बिखर गई। लॉकडाउन की वजह से ताजमहल बंद चल रहा है और उसमें किसी भी तरीके का प्रवेश वर्जित है।

फोटो- चमेली फर्श पर लगी रेड सैंड स्टोन की टूटी जालीदार रेलिंग

इंसानों के साथ- साथ यह तूफान पक्षियों पर भी कहर बरपाकर गया। जोरदार बारिश और ओले के गिरने से सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई। वहीं कई पक्षी घायल भी हो गए। आगरा रेल मंडल कार्यालय के परिसर में सैंकड़ों पक्षी मृत पाए गए। स्थानीय लोग घायल पक्षियों का उपचार करने में जुटे है। इस आंधी, तूफान और बरसात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के खेत में खड़ी खीरा, ककड़ी, काशीफल, लौकी और अन्य हरी सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ है। फिलहाल जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी नुकसान का आंकलन करने में जुटे हुए है। लेकिन लॉकडाउन से परेशान आम आदमी पर कुदरत के इस कहर ने दोहरी मार दी है।

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